केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का वादा हुआ पूरा, एक महीने के अंदर शिवपुरी के माधव टाइगर रिज़र्व में छोड़ा गया एक और बाघ

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 - सिंधिया ने अपने X  प्लेटफार्म पर खुशी जाहिर करते हुए दी जानकारी, - “नए मेहमान का माधव टाइगर रिज़र्व में स्वागत है!”


शिवपुरी स्थित देश के 58 वें और मध्यप्रदेश के 9 वें माधव टाइगर रिज़र्व में आज उमरिया स्थित बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व से लाए गए एक और बाघ (नर) का सफल पुनर्स्थापन किया गया। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने ट्विटर (X) हैंडल पर यह जानकारी देते हुए अपनी ख़ुशी ज़ाहिर की। सिंधिया ने लिखा कि यह कदम वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और इससे क्षेत्रीय पर्यटन व स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। अब माधव टाइगर रिज़र्व में कुल 6 बाघ (4 वयस्क और 2 शावक) मौजूद हैं। 



एक महीने में पूरा हुआ वादा

10 मार्च 2025 को ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शिवपुरी स्थित ‘माधव राष्ट्रिय उद्यान’ को ‘माधव टाइगर रिज़र्व’ का दर्जा देते हुए एक बाघिन की पुनर्स्थापना की थी। इसी के साथ उन्होंने यह ऐलान भी किया था कि बहुत जल्दी ही एक और बाघ भी लाया जाएगा। उनके ऐलान के एक महीने के अंदर अंदर ही बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व से एक और टाइगर को शिवपुरी लाया गया। 


सिंधिया के 4 सालों का विराट प्रयास है माधव टाइगर रिजर्व

विदित हो कि माधव नेशनल पार्क को पिछले माह ही 10 मार्च 2025 को आधिकारिक रूप से माधव टाइगर रिज़र्व के रूप में मान्यता मिली थी जब मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और सिंधिया ने एक साथ एक बाघिन को यहाँ छोड़कर इस टाइगर रिजर्व का शुभारंभ किया था। बता दें कि केंद्रीय मंत्री सिंधिया पिछले 4 सालों से शिवपुरी के माधव राष्ट्रीय पार्क में बाघों के पुनर्वास और इसे राष्ट्रीय टाइगर रिजर्व बनाने के लिए प्रयासरत थे। पहले 2023 में वह यहाँ 3 बाघ लेकर आये थे और फिर 10 मार्च 2025 को, उनके पिता माधवराव सिंधिया की जन्मजयंती पर यहाँ एक और बाघिन को लाया गया था तथा इसे टाइगर रिज़र्व का दर्जा मिला। 


सिंधिया ने X प्लेटफार्म पर दी इस अनुपम सौगात की जानकारी

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने ट्विटर हैंडल (X) पर अपनी खुशी ज़ाहिर करते हुए जानकारी दी और कहा, “नए मेहमान का माधव टाइगर रिज़र्व में स्वागत है! आज सुबह शिवपुरी स्थित #MadhavTigerReserve में बांधवगढ़ से लाए गए टाइगर का सफल पुनर्स्थापन किया गया है। रिज़र्व में बाघों की निरंतर बढ़ती संख्या से न सिर्फ मध्य प्रदेश का "वन क्षेत्र" समृद्ध होगा बल्कि शिवपुरी के विकास को नई गति भी मिलेगी।…..”

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